Saṃvaraṇa–Tapatī Vivāhaḥ (The Marriage of Saṃvaraṇa and Tapatī) — Mahābhārata, Ādi Parva 163
ततो<स्य जानुना पृष्ठठगवपीड्य बलादिव । बाहुना परिजग्राह दक्षिणेन शिरोधराम्,तदनन्तर उन्होंने अपने एक घुटनेसे बल-पूर्वक राक्षसकी पीठ दबाकर दाहिने हाथसे उसकी गर्दन पकड़ ली और बायें हाथसे कमरका लँगोट पकड़कर उस राक्षसको दुहरा मोड़ दिया। उस समय वह बड़ी भयानक आवाज में चीत्कार कर रहा था
tato 'sya jānunā pṛṣṭhaṭhagavāpīḍya balād iva | bāhunā parijagrāha dakṣiṇena śirodharām |
វៃសម្បាយនៈបានមានព្រះវាចា៖ បន្ទាប់មក ភីមបានប្រើជង្គង់បង្ខំចុះលើខ្នងរាក្សស ដូចជាដោយកម្លាំងដាច់ខាត ហើយចាប់ករបស់វាដោយដៃស្តាំ។
वैशम्पायन उवाच