Hiḍimbā’s Account and the Bhīma–Hiḍimba Engagement (आदि पर्व, अध्याय १४२)
यदा प्रतिष्ठितं राज्यं मयि राजन् भविष्यति । तदा कुन्ती सहापत्या पुनरेष्यति भारत,भरतवंशके महाराज! जब यह राज्य पूरी तरहसे मेरे अधिकारमें आ जायगा, उस समय कुन्तीदेवी अपने पुत्रोंके साथ पुनः: यहाँ आकर रह सकती हैं
yadā pratiṣṭhitaṃ rājyaṃ mayi rājan bhaviṣyati | tadā kuntī sahāpatyā punareṣyati bhārata ||
ទុរយោធនៈ បាននិយាយថា៖ «ព្រះមហាក្សត្រ—ជាវង្សភរតៈ! នៅពេលដែលរាជ្យនេះត្រូវបានបង្កើតឲ្យមាំមួនក្រោមអំណាចរបស់ខ្ញុំហើយ នោះគុនទីទេវីជាមួយកូនប្រុសទាំងឡាយ អាចត្រឡប់មករស់នៅទីនេះវិញបាន»។
दुर्योधन उवाच