तस्माद् युद्धोचितं कर्म कर्म वा धर्मसंहितम् । क्रियतामाशु राजेन्द्र सम्प्राप्तश्ष धनंजय:,अतः राजेन्द्र! तुम युद्धोचित कर्तव्यका पालन करो अथवा धर्मके अनुसार कार्य करो --बिना युद्धके ही राज्य देकर सन्धि कर लो। जो कुछ करना हो, जल्दी करो। अर्जुन अब सिरपर आ पहुँचे हैं
ゆえに王よ、戦にふさわしき務めを果たすか、あるいはダルマに則って事をなせ。急げ—ダナンジャヤ(アルジュナ)はすでに来た。
भीष्म उवाच