Virāṭa-parva Adhyāya 23: Report of the Slain Sūtaputras, Royal Orders, and Sairandhrī’s Return
वैशम्पायन उवाच पज्चाधिकं शतं तच्च निहतं तेन भारत । महावनमिवच्छिन्नं शिश्ये विगलितद्गुमम्,वैशम्पायनजी कहते हैं--भारत! भीमसेनके द्वारा मारे गये वे एक सौ पाँच उपकीचक वहाँ श्मशानभूमिमें इस प्रकार सो रहे थे, मानो काटा हुआ महान् जंगल गिरे हुए पेड़ोंसे भरा हो
ヴァイśампायナは言った。「バーラタよ。ビーマセーナに討たれた百五人のウパキーチャカは、火葬の地に横たわり、まるで大森林が伐り倒され、倒木が散り満ちたかのようであった。」
वैशम्पायन उवाच