Vyāsa’s Counsel to Dhṛtarāṣṭra on Restraining Duryodhana (व्यास-धृतराष्ट्र-उपदेशः)
तद् यथा सुरकि: प्राह समवेतास्तु ते तथा । सुतेषु राजन् सर्वेषु हीनेष्वभ्यधिका कृपा,इस प्रसंगमें सुरभिने जैसा कहा है, वह ठीक है, कौरव और पाण्डव सभी मिलकर तुम्हारे ही पुत्र हैं। परंतु राजन! सब पुत्रोंमें जो हीन हों, दयनीय दशामें पड़े हों, उन्हींपर अधिक कृपा होनी चाहिये
この件においては、スラビーの言葉こそ正しい。王よ、カウラヴァもパーンダヴァも、合わせれば皆そなたの子である。だが王よ、諸子のうち、弱く卑しき境遇に落ち、憐れむべき者にこそ、より大いなる慈悲が注がれるべきである。
व्यास उवाच