यक्ष उवाच धन्यानामुत्तमं किंस्विद् धनानां स्यात् किमुत्तमम् | लाभानामुत्तमं कि स्यात् सुखानां स्यात् किमुत्तमम्,यक्षने पूछा--धन्यवादके योग्य पुरुषोंमें उत्तम गुण क्या है? धनोंमें उत्तम धन क्या है? लाभोंमें प्रधान लाभ क्या है? और सुखोंमें उत्तम सुख क्या है?
ヤクシャは言った。「幸いなる者たちのうち、最上の徳とは何か。財のうち、最上の財とは何か。得のうち、第一の得とは何か。そして楽のうち、最上の楽とは何か。」
यक्ष उवाच