Daitya-āśvāsana of Duryodhana; Karṇa’s assurance and the mobilization of the Kaurava host
रमणीयेषु देशेषु घोषा: सम्प्रति कौरव । स्मारणे समय: प्राप्तो वत्सानामपि चाडुकनम्,“कुरुराज! इस समय हमारी गौओंके स्थान रमणीय प्रदेशोंमें हैं। यह समय गौओं और बछड़ोंकी गणना करने तथा उनकी आयु, रंग, जाति एवं नामका ब्यौरा लिखनेके लिये भी अत्यन्त उपयोगी है
「クル族の王よ。いま我らの牛群は、まことに麗しい土地におります。牛と子牛を思い起こし、その数を改めて数え、記録するにふさわしい時が来ました。」
वैशम्पायन उवाच