Agni’s Withdrawal to the Forest and Identification with Āṅgirasa (अग्न्याङ्गिरस-इतिहासः)
अत्युक्तमपि मे सर्व क्षन्तुमर्हस्यनिन्दित । स्त्रियों ह्यवध्या: सर्वेषां ये च धर्मविदो जना:,अनिन्दनीय ब्राह्मण! यदि मेरे मुखसे कोई अनुचित बातें निकल गयी हों तो उन सबके लिये मुझे क्षमा करें; क्योंकि जो धर्मज्ञ पुरुष हैं, उन सबकी दृष्टिमें स्त्रियाँ अदण्डनीय हैं
「咎むべきところなき婆羅門よ。たとえ言葉が過ぎたとしても、わたしの言ったことすべてをお赦しください。もし口から不相応な言葉が漏れていたなら、そのすべてをお許し願います。法(ダルマ)を知る人々の眼には、女は誰にとっても罰すべきではないのです。」
ब्राह्मण उवाच