क्वचित् पद्धयां ततो5गच्छद् राक्षसैरुह्मुते क्वचित् । तत्र तत्र महातेजा भ्रातृभि: सह सुव्रत:,उत्तम व्रतका पालन करनेवाले वे महातेजस्वी भूपाल कहीं तो भाइयोंसहित पैदल चलते और कहीं राक्षसलोग उन्हें पीठपर बैठाकर ले जाते थे। इस प्रकार वे अनेक स्थानोंमें गये
ある時は徒歩で進み、ある時はラークシャサたちが彼を背に乗せて運んだ。かくして、優れた誓戒を守る大威光の王は、兄弟らとともに各地を巡り、多くの場所へと至った。
वैशम्पायन उवाच