Kirmīra-rākṣasa-saṃgamaḥ (Encounter and Slaying of Kirmīra) | किर्मीरेण सह भीमसेनसमागमः
प्रमाणकोट्यां विश्वस्तं तथा सुप्तं वृकोदरम् । बद्ध्वैनं कृष्ण गज्जायां प्रक्षिप्प पुरमाव्रजत्,श्रीकृष्ण! प्रमाणकोटितीर्थमें, जब भीमसेन विश्वस्त होकर सो रहे थे, उस समय दुर्योधनने इन्हें बाँधकर गंगामें फेंक दिया और स्वयं चुपचाप राजधानीमें लौट आया
クリシュナよ。プラマーナコーティのティールタにて、ヴリコーダラ(ビーマ)が信を置いて眠りに落ちた折、ドゥルヨーダナは彼を縛り、ガンガーへ投げ入れ、みずからはひそかに都へ帰った。
वैशम्पायन उवाच