Āraṇyaka-parva, Adhyāya 1 — The Pandavas’ Exit from Gajasāhvaya and the Citizens’ Lament (जनमेजयप्रश्नः; पाण्डवानां वनप्रस्थानम्)
बुद्धिश्च हीयते पुंसां नीचै: सह समागमात् | मध्यमैर्मध्यतां याति श्रेष्ठतां याति चोत्तमै:,“नीच पुरुषोंका साथ करनेसे मनुष्योंकी बुद्धि नष्ट होती है। मध्यम श्रेणीके मनुष्योंका साथ करनेसे मध्यम होती है और उत्तम पुरुषोंका संग करनेसे उत्तरोत्तर श्रेष्ठ होती है
「卑しき者と交われば、人の बुद्धि(知恵)は衰える。凡庸な者と交われば凡庸となり、優れた者と交われば、さらに優れた境地へと高まってゆく。」
वैशम्पायन उवाच