Dambhodbhava, Nara-Nārāyaṇa, and the Counsel to Abandon Hubris
Udyoga-parva 94
वैशम्पायन उवाच तद् वाक्यं पार्थिवा: सर्वे हृदयैः समपूजयन् । नतत्र कश्रनिद् वक्तुं हि वाचं प्राक्रामदग्रत:,वैशम्पायनजी कहते हैं--जनमेजय! भगवान् श्रीकृष्णके उस कथनका समस्त राजाओंने हृदयसे आदर किया। वहाँ उसके उत्तरमें कोई भी कुछ कहनेके लिये अग्रसर न हो सका
ヴァイシャンパーヤナは言った。「ジャナメージャヤよ、神なるシュリー・クリシュナのその言葉を、諸王は皆、心から敬い奉った。そこでは、返答の言葉を述べようと前へ進み出る者は一人もいなかった。」
वैशम्पायन उवाच