अम्बोपाख्याने तापसानां विचारः तथा होत्रवाहनस्य उपदेशः
Ambā among ascetics; Hotravāhana directs her to Paraśurāma
भीष्म उवाच निष्क्रामन्ती तु नगराच्चिन्तयामास दुःखिता । पृथिव्यां नास्ति युवतिर्विषमस्थतरा मया,भीष्मजी कहते हैं--राजन्! नगरसे निकलते समय वह दु:खिनी नारी इस प्रकार चिन्ता करने लगी--“इस पृथ्वीपर कोई भी ऐसी युवती नहीं होगी, जो मेरे समान भारी संकटमें पड़ गयी हो
ビーシュマは語った。都を出るとき、苦悩に沈んだ彼女はこう思った。「この大地に、私ほど苛烈な境遇に落ちた若い女がいようか。」
भीष्म उवाच