एष धाता विधाता च सिद्धिरत्र प्रतिष्ठिता । यमाह कृष्णो दाशार्ह: सो<स्तु नो वाहिनीपति:,यही सबके कर्ता-धर्ता हैं। हमारे समस्त कार्योंकी सिद्धि इन्हींपर निर्भर करती है। अतः भगवान् श्रीकृष्ण जिसके लिये प्रस्ताव करें, वही हमारी विशाल वाहिनीका प्रधान अधिनायक हो
ユディシュティラは言った。「彼は支え手であり、また定める者である。この事の成就もまた彼に拠って立つ。ゆえに、ダーシャールハのクリシュナが推す者を、我らの大軍の統帥とせよ。」
युधिषछिर उवाच