Droṇa–Vidura–Gāndhārī Counsel in the Royal Assembly (धर्मार्थयुक्ता सभा-उपदेश-प्रकरणम्)
अपत्यार्थ महाराज प्रसाद कृतवांश्व सः । त्रीन् स पुत्रानजनयत् तदा भरतसत्तम,महाराज! इस प्रकार माता तथा अन्य लोगोंको अनुनय-विनयके द्वारा अनुकूल करके माताके सहित मैंने महामुनि व्यासको प्रसन्न करके भाईकी स्ट्रियोंसे पुत्र उत्पन्न करनेके लिये उनसे प्रार्थना की। भरतकुल-भूषण! महर्षिने कृपा की और उन स्त्रियोंसे तीन पुत्र उत्पन्न किये
apatyārtha mahārāja prasādaṁ kṛtavān saḥ | trīn sa putrān ajanayat tadā bharatasattama ||
ビーシュマは言った。「大王よ、後嗣を得るために、聖仙は恩寵を示された。かくして、バーラタ族のうち最も優れた者よ、三人の子がもうけられた。」
भीष्म उवाच