अदारा-नीति
Crisis Composure) and ‘Jaya’ Śravaṇa (Morale-Instruction
ते त्वां प्रियं करिष्यन्ति पुरो धास्यन्ति च ध्रुवम् । तू उन्हें अग्रिम वेतन दे दिया कर। प्रतिदिन प्रातःकाल सोकर उठ जा और सबके साथ प्रिय वचन बोल। ऐसा करनेसे वे अवश्य तेरा प्रिय करेंगे और निश्चय ही तुझे अपना अगुआ बना लेंगे
te tvāṃ priyaṃ kariṣyanti puro dhāsyanti ca dhruvam |
彼らは必ずや汝を慕い、そして必ず先頭に立つ導き手として汝を据えるであろう。ゆえに、時宜を得て前もって報酬を与えよ。毎朝、眠りから起きて、すべての者に愛ある言葉をかけよ。そうすれば、彼らは必ず汝を愛し、疑いなく汝を先導者として推戴する。
पुत्र उवाच