Vidurā–Putra Saṃvāda: Utsāha, Kīrti, and Kṣātra Resolve
Udyoga-parva 131
अड्जवेक्षस्व धर्म त्वं यथा सृष्ट: स्वयम्भुवा । बाहुभ्यां क्षत्रिया: सृष्टा बाहुवीयोपजीविन:,बेटा! ब्रह्माजीने तुम्हारे लिये जैसे धर्मकी सृष्टि की है, उसीपर दृष्टिपात करो। उन्होंने अपनी दोनों भुजाओंसे क्षत्रियोंकों उत्पन्न किया है, अतः क्षत्रिय बाहुबलसे ही जीविका चलानेवाले होते हैं
adya vekṣasva dharma tvaṃ yathā sṛṣṭaḥ svayambhuvā | bāhubhyāṃ kṣatriyāḥ sṛṣṭā bāhuvīryopajīvinaḥ ||
いまこそ、自生の創造主が定めたとおりの汝のダルマを見よ。主の両腕からクシャトリヤは生まれた。ゆえにクシャトリヤは、自らの腕の力と勇武によって生きるのである。
वायुदेव उवाच