उद्योगपर्व — गान्धारी-उपदेशः
Udyoga Parva — Gandhārī’s Counsel to Duryodhana
दुरात्मा राजपुत्रो<यं धार्तराष्ट्रोडनुपायकृत् । मिथ्याभिमानी राज्यस्य क्रोधलोभवशानुग:,'राजा धृतराष्ट्रका यह दुरात्मा पुत्र दुर्योधन लक्ष्य-सिद्धिके उपायके विपरीत कार्य करनेवाला तथा क्रोध और लोभके वशीभूत रहनेवाला है। इसे राजा होनेका मिथ्या अभिमान है
ヴァイシャンパーヤナは言った。「この持国王の王子は邪悪な心の持ち主で、目的成就の方策に背くことばかりする。怒りと貪欲に支配され、しかも自らを王とする虚しい驕りを抱いている。」
वैशम्पायन उवाच