Śāṇḍilī–Suparṇa Saṃvāda
Conduct, Intention, and Restoration
नातिप्रज्ञोडसि विप्रर्षे यो55त्मान॑ त्यक्तुमिच्छसि । न चापि कृत्रिम: काल: कालो हि परमेश्वर:,“ब्रह्मर्ष! यदि तुम अपने प्राणोंका परित्याग करना चाहते हो तो विशेष बुद्धिमान् नहीं हो; क्योंकि मृत्यु कृत्रिम नहीं होती (उसका अपनी इच्छासे निर्माण नहीं किया जा सकता)। वह तो परमेश्वरका ही स्वरूप है
n1tiprajo 'si viprare yo 'tm1na tyaktum icchasi | na c1pi ktrima k1laa k1lo hi paramebvaraa ||
ナーラダは言った。「おお、ブラフマ仙よ。みずから命を捨てようとするなら、汝は真に賢いとは言えぬ。死は人の意志で作り出せる作為のものではない。カーラ——時そのもの——こそ至上の主である。」
नारद उवाच