साधूनां तु मिथो भेदात् साधुश्नेद् व्यसनी भवेत् । निष्प्राणो नाभिहन्तव्यो नानपत्य: कथंचन,जब श्रेष्ठ पुरुषोंमें परस्पर भेद होनेसे कोई श्रेष्ठ पुरुष संकटमें पड़ जाय, तब उसपर प्रहार नहीं करना चाहिये। जो बलहीन और संतानहीन हो, उसपर तो किसी प्रकार भी आघात न करे
ビーシュマは言った。「善き人々の間の不和によって、ある善人が窮地に陥ったなら、その者を打ってはならぬ。力なき者、そして子のない者にも、いかなる形であれ害を加えてはならぬ。」
भीष्म उवाच