स पुत्रान् बहुलान् दृष्टवा विपुले कर्मणि स्थित: । कुलधर्मश्रितो राजन् धर्मचर्यास्थितो5भवत्,राजन! उसने देखा कि मेरे बहुत-से पुत्र हो गये, तब वह लौकिक कार्यसे विरक्त हो महान् कर्ममें संलग्न हो गया और अपने कुलधर्मका आश्रय ले धर्माचरणमें ही तत्पर रहने लगा
ビーシュマは言った。「王よ。多くの息子を得たと知るや、彼は世俗の営みを厭い、大いなる行へと身を投じた。家系のダルマに依り、ただダルマの実践に専心するようになった。」
भीष्म उवाच