Nāgendra–Brāhmaṇa Saṃvāda: Praśna-vidhi and Dharmic Approach on the Gomatī Riverbank
ब्रह्मोवाच ३“नमस्ते ब्रह्म॒हददय नमस्ते मम पूर्वज । लोकाद्य भुवनश्रेष्ठ सांख्ययोगनिधे प्रभो,ब्रह्माजी बोले-- प्रभो! वेद आपका हृदय है, आपको नमस्कार है। मेरे पूर्वज! आपको प्रणाम है। जगत्के आदि कारण! भुवनश्रेष्ठ! सांख्ययोगनिधे! प्रभो! आपको बारंबार नमस्कार है
ブラフマーは言った。「汝に礼拝す。ヴェーダは汝の心臓である。汝に礼拝す、我が先祖よ。世の根源、諸界の最勝者、サーンキヤとヨーガの宝蔵なる主よ。われは汝に、幾度も幾度も帰敬する。」
वैशग्पायन उवाच