“जबतक इस संसारमें पर्वतोंकी सत्ता रहेगी और जबतक समुद्रोंकी स्थिति बनी रहेगी, तबतक तुम्हारी और तुम्हारे पुत्रकी अक्षय कीर्ति इस संसारमें छायी रहेगी ।। छायां स्वपुत्रसदृशीं सर्वतोडनपगां सदा । द्रक्ष्यसे त्वं च लोके5स्मिन् मत्प्रसादान्महामुने
「この世に山々の存立があるかぎり、また海のありさまが保たれるかぎり、その間、汝と汝の子の尽きぬ名声は世を覆うであろう。さらに大牟尼よ、我が恩寵により、汝はこの世で常に、汝の子に似た『影』を目にする。四方に現れ、決して汝の眼から失われることはない。」
भीष्म उवाच