देवतापितृप्रश्नः — Nārada at Badarīāśrama: the ultimate referent of daiva and pitṛ worship
पुरा स हि क्व एव ते प्रवाति मारुतो5न्तक: । पुरा च विभ्रमन्ति ते दिशो महाभयागमे,पूर्वजन्ममें तुम्हारे सामने जो प्राणनणाशक पवन चल रहा था, आज वह कहाँ है? अब भी जब मृत्युरूप महान् भय उपस्थित होगा, तब तुम्हें सम्पूर्ण दिशाएँ घूमती दिखायी देंगी; अत: पहलेसे ही सावधान हो जाओ
かつて汝の前に吹いた命を奪う風—アンタカ—は、いまどこにあるのか。だが死という大いなる恐怖が迫るとき、汝には四方の方角がぐるぐると回り、乱れて見えるであろう。ゆえに、前もって慎み警めよ。
व्यास उवाच