कुण्डधारोपाख्यानम्
Kuṇḍadhāra-Upākhyāna: Dharma’s Superiority over Wealth and Desire
इति धर्म: समाख्यात: सद्धिर्धर्मार्थदर्शिभि: । वयं जिज्ञासमानास्तु सम्प्राप्ता धर्मदर्शनात्,“धर्म और अर्थका साक्षात्कार करनेवाले सत्पुरुषोंने इसी प्रकार धर्मकी व्याख्या की है। हमलोगोंने धर्मदर्शन नामक मुनिसे जिज्ञासा प्रकट करनेपर उस धर्मका ज्ञान प्राप्त किया है
ビーシュマは言った。「このようにして、ダルマとアルタ(artha)を見通す善き人々がダルマを説き明かしたのである。我らは知りたいと願って問いを発し、名をダルマダルシャナ(Dharmadarśana)という牟尼より、そのダルマの知見を得た。」
भीष्म उवाच