महाभूतेषु नानात्वमिन्द्रियार्थेषु मूर्तिषु । विनियोगं च भूतानां धातैव विदधात्युत,आकाश आदि महाभूतोंमें, शब्द आदि विषयोंमें तथा देवता आदिकी आकृतियोंमें जो अनेकता और भिन्नता है तथा प्राणियोंकी जो भिन्न-भिन्न कार्योमें नियुक्ति है, इन सबका विधान विधाता ही करते हैं
虚空をはじめとする大元素(マハーブータ)における多様性、音などの感官の対象における差別、また神々などの姿形に現れる種々の相、さらに生きとし生けるものがそれぞれ異なる働きへと配されること——これら一切の定めは、造化の主ヴィダータ(制定者)によってなされるのである。
व्यास उवाच