मृत्यु-काल-प्रबोधनम् (Instruction on Mortality, Time, and Truth) — Mahābhārata, Śānti-parva 169
त॑ दृष्टवा पुरुषादाभमपध्वस्तं क्षयागतम् | अभिज्ञाय द्विजो व्रीडन्निदं वाक्यमथाब्रवीत्,ब्राह्मणने देखा, गौतमके कंधेपर मारे गये हंसकी लाश है, हाथमें धनुष और बाण है, सारा शरीर रक्तसे सींच उठा है, घरके दरवाजेपर आया हुआ गौतम नरभक्षी राक्षसके समान जान पड़ता है; और ब्राह्मणत्वसे भ्रष्ट हो चुका है। उसे इस अवस्थामें घरपर आया देख ब्राह्मणने पहचान लिया। पहचानकर वे बड़े लज्जित हुए और उससे इस प्रकार बोले --
taṁ dṛṣṭvā puruṣādābham apadhvastaṁ kṣayāgatam | abhijñāya dvijo vrīḍann idaṁ vākyam athābravīt |
ビーシュマは言った。「彼を見て――人喰いのごとく、破滅し尽くして極度に落ちぶれた姿を見て――ブラーフマナは彼を認めた。羞じ入りつつ、彼は次の言葉を口にした。」
भीष्म उवाच