संधेयासंधेय-पुरुषनिर्णयः (Criteria for Allies and Non-Allies) — with the opening of the Gautama narrative
तपसो बहुरूपस्य तैस्तैद्वरि: प्रवर्ततः । निवृत्त्या वर्तमानस्य तपो नानशनात् परम्,तपस्याके अनेक रूप हैं और भिन्न-भिन्न साधनों एवं उपायोंद्वारा मनुष्य उसमें प्रवृत्त होता है; परंतु जो निवृत्तिमार्गसे चल रहा है, उसके लिये उपवाससे बढ़कर दूसरा कोई तप नहीं है
タパスには多くの形があり、人はさまざまな手段と修行によってそれに入る。だが、出離の道(ニヴリッティ)を歩む者にとって、断食(ウパヴァーサ)に勝るタパスはない。
भीष्म उवाच