Adhyāya 159 — Dāna–Dakṣiṇā, Āpaddharma Measures, and Prāyaścitta Classifications
न ते चालयितुं शक्या धर्मव्यापारकारिण: । न तेषां भिद्यते वृत्तं यत्पुरा साधुभि: कृतम्,उन्हें सत्कर्मसे विचलित नहीं किया जा सकता। वे केवल धर्मके अनुष्ठानमें तत्पर रहते हैं। पहलेके श्रेष्ठ पुरुषोंने जिसका पालन किया है, उसी सदाचारका वे भी पालन करते हैं। उनका वह आचार कभी नष्ट नहीं होता
na te cālayituṁ śakyā dharmavyāpārakāriṇaḥ | na teṣāṁ bhidyate vṛttaṁ yat pūrā sādhubhiḥ kṛtam ||
ビーシュマは言った。「ダルマの実践に携わる者は、正しき行いから揺り動かされることがない。彼らの定まった行状は崩れず、古の善人たちが守った善き作法の規範をそのまま踏み行い、その高貴な規律は彼らの内で滅びない。」
भीष्म उवाच