Dasyu-maryādā and Buddhi-guided Rāja-nīti (दस्युमर्यादा तथा बुद्धिप्रधान-राजनीति)
विद्या शौर्य च दाक्ष्यं च बल॑ धैर्य च पञजचमम् | मित्राणि सहजान्याहुर्वर्तयन्तीह तैर्बुधा:,विद्या, शूरवीरता, दक्षता, बल और पाँचवाँ धैर्य--ये पाँच मनुष्य के स्वाभाविक मित्र बताये गये हैं। विद्वान् पुरुष इनके द्वारा ही इस जगतमें सारे कार्य करते हैं
学知、武勇、巧み、力、そして第五に忍耐——この五つは人の「生まれながらの友」と説かれる。賢者はまさにこれらによって、この世のあらゆる事を成し遂げるのである。
ब्रह्मदत्त उवाच