Vyāghra–Gomāyu Saṃvāda (व्याघ्रगोमायु संवाद) — Testing Character Beneath Appearances
पानीयं वा निरायासं स्वाद्धन्नं वा भयोत्तरम् | विचार्य खलु पश्यामि तत्सुखं यत्र निर्वति:,एक जगह बिना किसी भयके केवल जल मिलता है और दूसरी जगह अन्तमें भय देनेवाला स्वादिष्ट अन्न प्राप्त होता है--इन दोनोंको यदि विचार करके मैं देखता हूँ तो मुझे वहाँ ही सुख जान पड़ता है, जहाँ कोई भय नहीं है
pānīyaṃ vā nirāyāsaṃ svādvannaṃ vā bhayottaram | vicārya khalu paśyāmi tat sukhaṃ yatra nirvṛtiḥ ||
一方には、苦もなく得られる飲み水があり、そこには恐れがない。もう一方には、美味なる食があるが、ついには恐れを伴う。両者を思い量れば、真の安楽は恐れなきところ—静かな満足のあるところにあると私は見る。
शार्टूल उवाच