Duryodhana’s Post-Duel Lament and Instructions (भग्नसक्थस्य विलापः)
धर्मार्थसहितं वाक्यमुभयो: पक्षयोर्हितम् । उक्तवत्यसि कल्याणि न च ते तनयै: कृतम्,“रानी! तुम्हें याद होगा, उस दिन सभामें मेरे सामने ही तुमने दोनों पक्षोंका हित करनेवाला धर्म और अर्थयुक्त वचन कहा था, किन्तु कल्याणि! तुम्हारे पुत्रोंने उसे नहीं माना
「吉祥なる方よ。あなたはダルマと利を備え、両陣営のためになる言葉を語った。だが、あなたの息子たちはそれを行わなかった。」
वैशम्पायन उवाच