शकुनिवधः — Sahadeva’s Slaying of Śakuni
with Ulūka’s fall
अद्य दुर्योधनो दीप्तां श्रियं प्राणांश्व॒ मोक्ष्यति । 'श्रीकृष्णण आज हमलोगोंका सारा कार्य समाप्त हो जायगा। आज दुर्योधन अपनी उज्ज्वल राजलक्ष्मी और प्राणोंको भी खो बैठेगा
adya duryodhano dīptāṁ śriyaṁ prāṇāṁś ca mokṣyati |
サञ्जयは言った。「今日、ドゥルヨーダナは燃え立つ王の栄華を失い、さらには己の命さえも手放すであろう。」
संजय उवाच