शकुनिवधः — Sahadeva’s Slaying of Śakuni
with Ulūka’s fall
यातु वक्षित्तु पाज्चाल्यं क्षिप्रमागम्यतामिति । परिश्रान्तबलस्तात नैष मुच्येत किल्बिषी,“अपने दलका कोई पुरुष पांचालराज धृष्टद्युम्नके पास जाय और कहे कि “आप शीघ्रतापूर्वक चलें।” तात! यह पापात्मा दुर्योधन अब बच नहीं सकता, क्योंकि इसकी सारी सेना थक गयी है
サञ्जयは言った。「我らの者を一人、パーンチャーラの王子ドゥリシュタデュムナのもとへ遣わし、『急ぎ来たれ』と告げよ。わが子よ、この罪深き者ドゥルヨーダナはもはや逃れ得ぬ。彼の全軍は疲弊しきっているのだ。」
संजय उवाच