याज्ञसेनी-प्रश्नः
Draupadī’s Question in the Assembly
औपनआक्ात छा 2 - प्राचीनकालमें प्रचलित एक सिक्का, जो एक कर्ष अथवा सोलह मासे सोनेका बना होता था। द्विषष्टितमो5 ध्याय: धृतराष्ट्रको विदुरकी चेतावनी वैशम्पायन उवाच एवं प्रवर्तिते द्यूते घोरे सर्वापहारिणि | सर्वसंशयनिर्मोक्ता विदुरो वाक्यमब्रवीत्,वैशम्पायनजी कहते हैं--जनमेजय! इस प्रकार जब सर्वस्वका अपहरण करनेवाली वह भयानक द्यूतक्रीड़ा चल रही थी, उसी समय समस्त संशयोंका निवारण करनेवाले विदुरजी बोल उठे
Vaiśampāyana uvāca: evaṁ pravartite dyūte ghore sarvā-pahāriṇi | sarva-saṁśaya-nirmoktā viduro vākyam abravīt ||
ヴァイシャンパーヤナは言った。「ジャナメージャヤよ、すべてを奪い去るあの恐るべき骰子の勝負が進むさなか、あらゆる疑いを晴らすヴィドゥラが、次の言葉を語った。」
वैशम्पायन उवाच