Jarāsandha as Obstacle to the Rājasūya — Kṛṣṇa’s Strategic Genealogical Brief
Sabhā Parva, Adhyāya 13
युधिछिर उवाच प्रार्थितो राजसूयो मे न चासौ केवलेप्सया । प्राप्पते येन तत् ते हि विदितं कृष्ण सर्वश:,युधिष्ठटिर बोले--श्रीकृष्ण! मैं राजसूययज्ञ करना चाहता हूँ; परंतु वह केवल चाहनेभरसे ही पूरा नहीं हो सकता। जिस उपायसे उस यज्ञकी पूर्ति हो सकती है, वह सब आपको ही ज्ञात है
ユディシュティラは言った。「おおクリシュナよ、私はラージャスーヤ祭を執り行いたい。だが、それはただ望むだけでは成就しない。その祭を全うするための方途のすべては、クリシュナよ、あなたが余すところなくご存じである。」
युधिछिर उवाच