अहं हि तेनानुमतो महात्मना क्षणेन हन्यां सचराचरं जगत् । “नरदेव! पिनाकधारी भगवान् शंकरको छोड़कर दूसरा कोई भी मेरे समान धनुर्धर नहीं है। उन महात्मा महेश्वरने मेरी वीरताका अनुमोदन किया है। मैं चाहूँ तो क्षणभरमें चराचर प्राणियोंसहित सम्पूर्ण जगत्को नष्ट कर डालूँ
「人王よ。ピナーカを携えるバガヴァーン・シャンカラを除けば、我に比肩する弓の達人は他にいない。大自在天マヘーシュヴァラは我が武勇を認め給うた。もし我が望むなら、瞬く間に、動くものも動かぬものも含めて、この全世界を滅ぼし得る。」
संजय उवाच