कर्णनिधनवृत्तान्तनिवेदनम् | Reporting Karṇa’s Fall to Yudhiṣṭhira
अफ्-#-#कत एकोनसप्ततितमो<ध्याय: वध करनेके लिये उद्यत हुए भगवान् बलाकव्याध और कौशिक पनिकी कण सुनाते हुए धर्मका तत्त्व बताकर समझाना संजय उवाच युधिष्ठिरेणैवमुक्त: कौन्तेय: श्वेतवाहन: । असिं जग्राह संक्रुद्धों जिघांसुर्भरतर्षभम्,संजय कहते हैं--राजन्! युधिष्ठिरके ऐसा कहनेपर श्वेतवाहन कुन्तीकुमार अर्जुनको बड़ा क्रोध हुआ। उन्होंने भरतश्रेष्ठ युधिष्ठिरको मार डालनेकी इच्छासे तलवार उठा ली
sañjaya uvāca | yudhiṣṭhireṇaivam uktaḥ kaunteyaḥ śvetavāhanaḥ | asiṃ jagrāha saṃkruddho jighāṃsur bharatarṣabham ||
サンジャヤは言った。「王よ、ユディシュティラがそのように語るや、クンティーの子アルジュナ――白き馬の戦車の御者として名高い者――は激しい怒りに囚われた。バーラタ族の雄牛たるユディシュティラを討たんとして、彼は剣を抜いた。」
संजय उवाच