Kṛpa’s Archery Display; Śikhaṇḍin Checked; Suketu Slain; Dhṛṣṭadyumna–Kṛtavarmā Clash (कृपशौर्य–पार्षतहार्दिक्ययुद्धम्)
त्रिशूलमाश्रित्य सुतीक्षणधारं सर्वाणि गात्राणि विघर्षसि त्वम् । सुतीक्षणधारोपमकर्म णा त्वं युयुत्ससे यो<र्जुनेनाद्य कर्ण,“कर्ण! अर्जुनका पराक्रम अत्यन्त तीखी धारवाले त्रिशूलके समान है। उन्हीं अर्जुनके साथ आज जो तुम युद्ध करना चाहते हो, वह दूसरे शब्दोंमें यों है कि तुम पैनी धारवाले त्रिशूलको लेकर उसीसे अपने सारे अंगोंको रगड़ना या खुजलाना चाहते हो
triśūlam āśritya sutīkṣṇadhāraṁ sarvāṇi gātrāṇi vigharṣasi tvam | sutīkṣṇadhāropamakarmaṇā tvaṁ yuyutsase yo 'rjunenādya karṇa ||
サンジャヤは言った。「カルナよ。剃刀のごとく鋭い刃の三叉戟を手に取り、それで己の全身をこすり削るようなものだ。三叉戟の鋭刃にも比すべき危険な業を選び、今日おまえはアルジュナと戦おうとしている。」
संजय उवाच