धर्मराजो महाशरक्ति प्राहिणोत् तव सूनवे । दीप्यमानां महावेगां महोल्कां ज्वलितामिव,दण्डधारी यमराजके समान उसे गदा उठाये देख धर्मराजने आपके उस पुत्रपर अत्यन्त वेगशालिनी महाशक्तिका प्रहार किया, जो प्रज्वलित हुई बड़ी भारी उल्काके समान देदीप्यमान हो रही थी
法王ユディシュティラは、燃えさかる巨大な流星のごとく赫々と輝き、凄まじい勢いを帯びた大いなるシャクティを、汝の子に向けて投げ放った。
संजय उवाच