Yudhiṣṭhira–Droṇa Saṃgrāma
Engagement and Countermeasures
सहस्रनेत्रपादाय नमो5संख्येयकर्मणे । विश्वके स्वामी और महापुरुषोंके पालक भगवान् शिवको नमस्कार है, जिनके सहस्रों सिर और सहसों भुजाएँ हैं, जो मृत्युस्वरूप हैं, जिनके नेत्र और पैर भी सहस्रोंकी संख्यामें हैं तथा जिनके कर्म असंख्य हैं, उन भगवान् शिवको नमस्कार है
世界の主にして大いなる者たちの護持者、バガヴァーン・シヴァに礼拝する。千の頭、千の腕を具え、死そのものの相を現し、眼も足もまた千に及び、その行いは数え尽くせぬ—そのシヴァにこそ礼拝する。
संजय उवाच