Droṇa-pātana-paripṛcchā (Inquiry into the Fall of Droṇa) | द्रोणपातनपरिपृच्छा
अष्टमो< ध्याय: द्रोणाचार्यके पराक्रम और वधका संक्षिप्त समाचार संजय उवाच तथा द्रोणमभिष्नन्तं साश्वसूतरथद्विपान् व्यथिता: पाण्डवा दृष्टवा न चैनं पर्यवारयन्,संजय कहते हैं--महाराज! द्रोणाचार्यको इस प्रकार घोड़े, सारथि, रथ और हाथियोंका संहार करते देखकर भी व्यथित हुए पाण्डव-सैनिक उन्हें रोक न सके
sañjaya uvāca | tathā droṇam abhiṣṇantaṃ sāśva-sūta-ratha-dvipān vyathitāḥ pāṇḍavā dṛṣṭvā na cainaṃ paryavārayan |
サञ्जयは言った。「大王よ、ドローナがこのように馬を、御者を、戦車を、そして象を次々と討ち倒すのを見て、パーンダヴァの戦士たちは心を痛めながらも、彼を止めることも押しとどめることもできなかった。」
संजय उवाच