Ghaṭotkaca Slays Alāyudha (Night Battle and Māyā Countermeasures) / घटोत्कचेन अलायुधवधः
यान् सम तान् ग्लहते तात शकुनि: कुरुसंसदि । अक्षान् न ते$क्षा निशिता बाणास्ते शत्रुतापना:,द्यूतक्रीड़ाके समय विदुरजीने तुमसे कहा था कि “तात! कौरव-सभामें शकुनि जिन पासोंको फेंक रहा है, उन्हें पासे न समझो, वे किसी दिन शत्रुओंको संताप देनेवाले तीखे बाण बन सकते हैं!
サンジャヤは言った。賽の戯れの折、ヴィドゥラは汝にこう諭した。「我が子よ、クルの सभा にてシャクニが投げる賽を、ただの賽と思うな。いつの日かそれは、敵を苦しめる鋭き矢となり得るのだ。」
संजय उवाच