अलंबलवधः (Alaṃbala-vadhaḥ) / The Slaying of Alaṃbala and the Advance toward Karṇa
संजय उवाच शृणु राजन् यथावृत्तं रथमन्यं महामति: । दारुकस्यानुजस्तूर्ण कल्पनाविधिकल्पितम्,संजयने कहा--राजन्! सारा वृत्तान्त यथार्थरूपसे सुनिये। दारुकका एक छोटा भाई था, जो बड़ा बुद्धिमान् था। वह तुरंत ही रथ सजानेकी विधिसे सुसज्जित किया हुआ एक दूसरा रथ ले आया
サンジャヤは言った。「王よ、ありのままの顛末をお聞きください。ダールカには大いなる知恵を備えた弟がいて、彼はただちに、戦車を整える作法に従って見事に仕立てられた別の戦車を引き出して参りました。」
संजय उवाच