कर्णभीमसेनयुद्धम् | Karṇa–Bhīmasena Engagement
Chapter 111
पुनर्विव्याध सप्तत्या ननाद च महाबल: । तत्पश्चात् नकुलने चौंसठ और द्रौपदीकुमारोंने तीन-तीन बाणोंसे अलम्बुषको बींध डाला। तदनन्तर महाबली हिडिम्बाकुमारने युद्धस्थलमें उस राक्षसको पचास बाणोंसे घायल करके पुनः सत्तर बाणोंद्वारा बींध डाला और बड़े जोरसे गर्जना की
ついで大力のアランブシャは、さらに七十の矢で射貫き、轟然と咆哮した。その後、ナクラは六十四の矢でアランブシャを突き通し、ドラウパディーの子らもまた各々三矢ずつで貫いた。さらに、ヒディンバーの子にして剛勇のガトートカチャは、戦場にてその羅刹を五十の矢で傷つけ、続けて七十の矢で再び射貫き、力の限りに吼えた。
संजय उवाच