भीष्मवधाय प्रयाणम् — The Advance toward Bhīṣma and Counter-Engagements
इस प्रकार श्रीमह्याभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत भीष्मवधपर्वमें संकुलयुद्धमें द्रोगपराक्रमविषयक सतहत्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ ॥/ ७७ ॥। [दाक्षिणात्य अधिक पाठके ४ ६ श्लोक मिलाकर कुल ७९ ६ “लोक हैं।] #स्न्रैमा+ () अिऔमस+- अष्टसप्ततितमो< ध्याय: उभय पक्षकी सेनाओंका संकुल युद्ध संजय उवाच ततो दुर्योधनो राजा मोहात् प्रत्यागतस्तदा । शरवर्ष: पुनर्भीम॑ प्रत्यवारयदच्युतम्
sañjaya uvāca | tato duryodhano rājā mohāt pratyāgatas tadā | śaravarṣaḥ punar bhīmaṃ pratyavārayad acyutam ||
サンジャヤは言った。そのとき王ドゥルヨーダナは迷妄のうちに引き返し、再び矢の雨を放って、ビーマとアチュタ(クリシュナ)を押しとどめた。
संजय उवाच