गौरुडव्यूह-रचना तथा अर्धचन्द्र-प्रत्यव्यूह
Garuḍa Array and the Ardhacandra Counter-Formation
नाशयामास वेगेन वायुर्वृक्षानिवौजसा । दुर्योधन आदि सब राजाओंके द्वारा पाण्डवसेनाको युद्धमें मारी जाती देख श्वेतने गंगापुत्र भीष्मको छोड़कर आपके पुत्रकी सेनाका उसी प्रकार वेगपूर्वक विनाश आरम्भ किया, जैसे आँधी अपनी शक्तिसे वृक्षोंको उखाड़ फेंकती है || ४७-४८ ह ।। द्रावयित्वा चमूं राजन् वैराटि: क्रोधमूर्च्छित:
sañjaya uvāca |
nāśayāmāsa vegena vāyur vṛkṣān ivaujasā |
drāvayitvā camūṃ rājan vairāṭiḥ krodha-mūrcchitaḥ |
サञ्जयは言った。抗しがたい速さと力をもって、彼は敵軍を滅ぼし始めた。さながら烈風が己が威力で樹々を根こそぎ倒すがごとく。軍勢を潰走させたのち、王よ、ヴィラाटの子は怒りに呑まれ、さらに攻め立てた。
संजय उवाच