गौरुडव्यूह-रचना तथा अर्धचन्द्र-प्रत्यव्यूह
Garuḍa Array and the Ardhacandra Counter-Formation
गभस्तिभिरिवादित्यस्तस्थौ शरमरीचिमान् | जैसे सर्दीके अन्तमें सूर्यदेव धरतीका जल सोखने लगते हैं, उसी प्रकार भीष्म समस्त सैनिकोंके प्राणोंका अपहरण-सा कर रहे थे। किरणोंसे सुशोभित सूर्यदेवकी भाँति भीष्म बाणरूपी रश्मियोंसे शोभा पाते हुए वहाँ खड़े थे
gabhastibhir ivādityas tasthau śaramarīcimān |
サンジャヤは言った――ビーシュマはそこに、光条に輝く太陽のごとく立っていた。彼の矢はまさに日光の筋であった。冬の終わりの太陽が大地の潤いを吸い上げるかのように、ビーシュマは戦士たちの生命の息を奪い去るかに見え、抗しがたい光輝と致命の力で戦場を圧した。
संजय उवाच