Viśvarūpa-darśana (The Vision of the Universal Form) — महायोगेश्वरस्य विश्वरूपदर्शनम्
१५) संवत्सरके अभिमानी देवताके पास पहुँचा देना इसका काम है। वहाँसे आगे संवत्सरका अभिमानी देवता उसे सूर्यलोकमें पहुँचाता है। वहाँसे क्रमश: आदित्याभिमानी देवता चन्द्राभिमानी देवताके अधिकारमें और वह विद्युत्ु-अभिमानी देवताके अधिकारमें पहुँचा देता है। फिर वहाँपर भगवानके परमधामसे भगवान्के पार्षद आकर उसे परमधाममें ले जाते हैं और तब उसका भगवानसे मिलन हो जाता है। ध्यान रहे कि इस वर्णनमें आया हुआ “चन्द्र” शब्द हमें दीखनेवाले चन्द्रलोकका और उसके अभिमानी देवताका वाचक नहीं है। ३. इस श्लोकमें 'ब्रह्मविद:” पद निर्गुण ब्रह्मके तत्त्वको या सगुण परमेश्वरके गुण, प्रभाव, तत्त्व और स्वरूपको शास्त्र और आचार्योंके उपदेशानुसार श्रद्धापूर्वक परोक्षभावसे जाननेवाले उपासकोंका तथा निष्कामभावसे कर्म करनेवाले कर्मयोगियोंका वाचक है। यहाँका “ब्रह्मविदः” पद परब्रह्म परमात्माको प्राप्त ज्ञानी महात्माओंका वाचक नहीं है; क्योंकि उनके लिये एक स्थानसे दूसरे स्थानमें गमनका वर्णन उपयुक्त नहीं है। श्रुतिमें भी कहा है--“न तस्य प्राणा ह्ुत्क्रामन्ति' (बृहदारण्यक उप० ४,११), “ब्रह्मैव सन् ब्रह्माप्पेति' (बृहदारण्यक उप० ४ सम्बन्ध-- पूर्वश्लीकर्में भगवान्ने जिस विज्ञानसहित ज्ञानका उपदेश करनेकी प्रतिज्ञा की थी तथा जिसका माहात्म्य वर्णन किया था; अब उसका आरम्भ करते हुए वे सबसे पहले प्रभावके साथ अपने निराकारस्वरूपके तत्त्वका वर्णन करते हैं-- मया ततमिदं सर्व जगदव्यक्तमूर्तिनाः । मत्स्थानि सर्वभूतानि न चाहं तेष्ववस्थित:
Arjuna uvāca — mayā tatam idaṁ sarvaṁ jagad avyaktamūrtinā | matsthāni sarvabhūtāni na cāhaṁ teṣv avasthitaḥ ||
アルジュナは言った。「わたしの未顕現の姿によって、わたしはこの全宇宙に遍満している。すべての存在はわたしのうちに住するが、わたしはそれらのうちに閉じ込められてはいない。」ギーターの戦場の教えという倫理的文脈において、これは制限なき神の内在を示す。主はあらゆる生命と義務(ダルマ)を支えつつ、戦争・行為・結果の移ろいに汚されない。
अजुन उवाच
The Lord pervades and sustains the entire cosmos in an unmanifest way; all beings depend on Him, yet He is not limited or contained by them—affirming both immanence and transcendence.
Arjuna addresses the Lord, and the teaching turns to the Lord’s all-pervading nature: the battlefield instruction expands from duty and action to the metaphysical ground that supports all beings without being bound by them.