Bhīṣma-nipāta-saṃvāda — Sañjaya’s Report of Bhīṣma’s Fall (भीष्मनिपातसंवादः)
त॑ हतं समरे भीष्म॑ं महारथकुलोदितम् | संजयाचक्ष्व मे वीरं येन शर्म न विद्यहे,जो रणभूमिमें महाबली जमदग्निनन्दन परशुरामसे भी टक्कर लेनेकी सदा इच्छा रखते थे, जिनका पराक्रम इन्द्रके समान था और परशुरामजी भी जिन्हें पराजित न कर सके थे; संजय! महारथियोंके कुलमें प्रकट हुए वे महावीर भीष्म समरभूमिमें किस प्रकार मारे गये, यह मुझे बताओ; क्योंकि मुझे शान्ति नहीं मिल रही है
taṁ hataṁ samare bhīṣmaṁ mahāratha-kuloditam | sañjayācakṣva me vīraṁ yena śarma na vidyate ||
ドリタラーシュトラは言った。「サンジャヤよ、語れ。大車戦士の家系に現れた勇者ビーシュマが、いかにして戦いの中で討たれたのか。わが心は安らがぬ。ゆえに、その強者の没落を述べよ。彼の武威はインドラのごとく、ジャーマダグニの子パラシュラーマとさえ力を競わんとした。しかもパラシュラーマですら彼を打ち負かせなかったのだ。」
धृतराष्ट उवाच